रसोई गैस मूल्य वृद्धि होने पर गृहणियां बोली- महंगाई पर अंकुश लगे,
सुरजभान कुमार भारती
Admin
कुशीनगर (उ०प्र०)
रंगों का त्योहार होली के करीब आते ही सरकार ने रसोई गैस सिलिंडर के दाम एक बार फिर 50 रुपये और बढ़ा दिए हैं। जिससे महिला वर्ग में काफी आक्रोश है। उनका कहना है कि रसोई गैस के दाम बढ़ने से बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। तेल व राशन के जहां पहले से ही दाम सातवे आसमान हैं, अब रसोई गैस के मूल्य वृद्धि से मुश्किले और भी बढ़ गयी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रसोई और कामर्सियल गैस दोनों में क्रमशः 50 और 352 रुपये की मूल्य वृद्धि की गई है। गैस का मूल्य वृद्धि होने के बाद नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र में 14.2 किग्रा. रसोई गैस का मूल्य 1174 रुपये और 19 किग्रा. कामर्सियल गैस का मूल्य 2288.50 रुपये हो गया है। बेतहाशा बढ़ते हुवे मूल्य से घर का बजट बिगड़ने लगा है। पहले गैस पर सब्सिडी भी मिलता था। पर अब सब्सिडी भी नही मिलता है। हमेशा पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ रही महंगाई एक चिंता का विषय वस्तु बना हुवा है।
- गृहणी आंचल तिवारी
डीजल और पेट्रोल के बाद रसोई गैस के दाम को अचानक पचास रुपये और बढ़ाए गए हैं। महंगाई पर अंकुश लगना चाहिए। गैस का मूल्य वृद्धि होने से रसोई का बजट बिगड़ गया है।
- गृहणी गीता गुप्ता
रसोई गैस सिलिंडर हर घर की जरूरत है, इसे महंगाई से दूर रखना चाहिए। मूल्यवृद्धि से रसोई का बजट प्रभावित हो रहा है। सरकार को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।
- गृहणी तारा देवी
रसोई गैस सिलिंडर में कब दाम बढ़ाया जाता है और कितनी सब्सिडी मिलती है अब इसका कोई पैमाना ही नहीं रह गया है। अब तो सिलिंडर लेने के बाद भी सब्सिडी खाते में नहीं आती है। महंगाई की मार से सभी वर्ग के लोग त्रस्त हैं। बेतहाशा बढ़ती हुई महंगाई पर अंकुश लगाना बहुत ही जरूरी हो गया है।
- गृहणी मिन्ता देवी
सिलिंडर के महंगे होने से हर परिवार पर इसका असर पड़ता है, इस बात का सरकार को ध्यान रखना चाहिए। हमें तो लगता है कि सरकार की ओर से आमजन का कोई भी ख्याल नहीं रखा जा रहा है। कोरोना काल के बाद से जहां सभी रोजगारों का बुरा हाल है, वहीं अब रसोई गैस की महंगाई आग में घी डालने का काम कर रही है।







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