अनेको गांवो के करीब 25 हजार आबादी होगी लाभान्वित, खड्डा विद्युत उपकेंद्र से जोड़ी जाएगी लाइन,
कुशीनगर (उ०प्र०)
गंडक नदी के उस पार के वे गांव भी रोशन किए जाएंगे, जो अब तक बिजली से वंचित हैं। ऐसे में करीब 20 गांव हैं। इन गांवों में विद्युतीकरण पर 35.47 करोड़ रुपये खर्च होंगे। विद्युत निगम ने यह प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है।
गंडक नदी के उस पार के हरिहरपुर, नरायनपुर, मरिचहवा, शिवपुर, बसंतपुर, सोहगीबरवा, शिकारपुर, मटियरवा सहित लगभग 20 ऐसे गांव हैं, जो बरसात में गंडक नदी की बाढ़ से घिर जाते हैं। पूरे बरसात लोगों को बाढ़ की विभीषिका झेलनी पड़ती है। इनमें अनेको गांव कुशीनगर तो कुछ महराजगंज जिले के हैं। महराजगंज जिले के जो गांव कुशीनगर की सीमा के नजदीक हैं, उन्हें कुशीनगर और कुशीनगर के जो गांव महराजगंज जनपद के निकट हैं, उन्हें महराजगंज जिले में शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है। इन गांवों की जनसंख्या लगभग 25 हजार बताई जा रही है, लेकिन इन गांवों के लोग विद्युतीकरण से वंचित हैं।
खड्डा के विधायक जटाशंकर त्रिपाठी ने इन गांवों में बिजली आपूर्ति के लिए विद्युत निगम से लगायत शासन तक पत्राचार एवं व्यक्तिगत रूप से अफसरों से संपर्क प्रस्ताव बनवाया। उनके प्रयास से विद्युत निगम की तरफ से विद्युतीकरण के लिए 35 करोड़ 47 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलने पर विद्युतीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ जाएगी।
विद्युत वितरण खंड पडरौना के एक्सईएन सुनील चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि गंडक नदी उस पार के बाढ़ प्रभावित गांवों में विद्युतीकरण के लिए प्रस्ताव बना है। उसे स्वीकृति के लिए शासन को भेज दिया गया है। यह विद्युत लाइन खड्डा उपकेंद्र से जोड़ा जाएगा। खड्डा के विधायक जटाशंकर त्रिपाठी ने बताया कि गंडक नदी के उस पार लगभग 20 गांव ऐसे हैं, जो विद्युतीकरण से वंचित हैं। वहां तक बिजली पहुंचाने के लिए प्रयास चल रहा है। प्रस्ताव बनकर शासन में चला गया है। स्वीकृति मिल जाने पर करीब 25 हजार उपभोक्ताओं को विद्युतीकरण का लाभ मिलेगा।
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