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सुरजभान कुमार भारती
कुशीनगर (उ०प्र०)
बसपा जिला सचिव सुभाष गौतम ने अपने सम्बोधन में कहा कि आज के इस दौर में जहां जनमानस जाति बिरादरी धर्म में बट रहा है ऐसे में मान्यवर कांशीराम की नीति सार्थक सिद्ध होती है। समाज में समरसता आज के दौर में नितांत आवश्यक है। मान्यवर कांशीराम ने समाज के दलित शोषित वंचित पीड़ित अल्पसंख्यक एवं बहुजन समाज को सर उठा कर जीना सिखाया। उन्हें संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की निधन के बाद बहुजन आंदोलन में पैदा हुए शून्य को खत्म किया।
पूर्व रामकोला विधानसभा अध्यक्ष समरेन्द्र सिंह सैथवार ने कहा कि उत्तर भारत में दलित चेतना का जो चेहरा मजबूती से नजर आता है, उसकी शुरुआत कांशी राम ने ही की थी। उन्होंने न केवल खुलकर जातियों की बात की बल्कि दलितों और पिछड़ों को एक मंच तक लाने में सफल रहे। शम्भू गौतम और आजाद गौतम आदि ने भी अपने अपने विचार व्यक्त किये। संचालन बसपा सोशल मीडिया प्रचारक रामानन्द बौद्ध ने किया।
इस अवसर पर डॉ० भगवंत भारती, लक्ष्मण प्रसाद, हरी प्रसाद, सतेन्द्र गौतम, सहदेव प्रसाद, रामचन्द्र, छबीला, महेन्द्र और छट्ठू प्रसाद आदि सहित स्थानीय गांव के सैकड़ो ग्रामीण मौजूद रहे।







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