प्रधान और सचिव की मिलीभगत से शासनादेशो की सारे नियमावली ताख पर
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कुशीनगर (उ०प्र०)
नेबुआ नौरंगिया विकास खंड के देवगांव गांव में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है।प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत बेघरों को आवास का लाभ दिया जाता है, लेकिन ब्लाक के अधिकारियों की सह पर प्रधान व सचिव के द्वारा अपात्रों को इसका लाभ दिया जा रहा है। मामले का संज्ञान लेते हुए परियोजना निदेशक ने बीडीओ को जांच कर आपात्रो के खाते पर रोक लगाने के साथ संबंधित के खिलाफ कार्यवाही का निर्देश भी दिया है। नेबुआ नौरंगिया विकास खंड के ग्रामसभा देवगांव मे ग्राम प्रधान व सचिव के मिली भगत से आवास पात्रो मे मानक के विपरीत वितरण किया गया है। जो खुलेआम सरकारी धन का दूरप्रयोग किया गया है। गांव मे कुल 25 आवास का पैसा प्रथम किस्त लाभार्थियों के खाते मे पिछले माह मे जा चुका है। जिसमे एक दर्जन के करीब मकान व टीनसेट वाले अपात्रों को दिया गया है। वहीं गांव मे कई पात्र ऐसे हैं जो झोपड़ी मे रहने को मजबूर हैं। जबकि नियमानुसार आवास उसी को मिलना है जिसका पूर्ण रुप से झोपड़ी होना चाहिए। उसका बकायदा संबंधित अधिकारियों के द्वारा जांच कराकर सूची विभाग को भेजा जाता है और उसके बाद आवास का पैसा लाभार्थियों के खाते मे आता है। इतना नियम सख्त होने के बावजूद भी उक्त गांव मे मनमानी किया गया है। वहीं मामले की जानकारी परियोजना निदेशक जगदीश त्रिपाठी को होते ही नेबुआ नौरंगिया बीडीओ उषा पाल को जांच कराकर आपात्रो के खाते पर रोक लगाने के साथ संबंधित के खिलाफ कार्यवाही का भी निर्देश दिया है।
इस संबंध में परियोजना निदेशक जगदीश त्रिपाठी का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है, बीडीओ नेबुआ नौरंगिया को जांच कर अपात्रो के खाते पर रोक लगाने व संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्यवाही करने का निर्देश दिया गया है।

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