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बगही पीठ ने संजोए रखी 300 वर्ष पुरानी परंपरा

22 दिन तक चलती है रामलीला और मेले में जुटती है भीड़,

Admin

कुशीनगर (उ०प्र०)


नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के सिद्ध पीठ बगही धाम में क्षेत्रीय लोगों व मठ के लोगों ने अपनी 300 साल पुरानी परंपरा को बरकरार रखा है। पीठाधीश्वर रहे राममणिक दास के शुरू कराए गए मेला व रामलीला का मंचन हर साल होता है। 22 दिन तक चलने वाले इस आयोजन में क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं। नौरंगिया - कप्तानगंज मार्ग से परसिया जाने वाले मार्ग पर स्थित सिद्धपीठ बगहीधाम 10 एकड़ में फैला है। बगही पीठ के वर्तमान पीठाधीश्वर विश्वंभर दास ने बताया कि हर वर्ष होने वाले रामलीला व मेला की शुरुआत करीब 300 वर्ष पूर्व यहां पीठाधीश्वर रहे राममणिक दास ने कराई थी। तभी से यह परंपरा चली आ रही है। हर वर्ष आश्विन कृष्ण एकादशी को राम वनगमन से रामलीला शुरू होती है और कार्तिक कृष्ण पंचमी को राज्याभिषेक के साथ संपन्न होता है। कुल 22 दिनों तक रामलीला व मेला चलता है। इस रामलीला में अभिनय करनेवाले कलाकार मंदिर के साधु व अगल- बगल के गांव के लोग ही करते हैं। रामलीला मंचन के लिए वस्त्र समेत अन्य संसाधनों का प्रबंध भी कलाकार खुद ही करते हैं। मंदिर में इनकी तैयारी पीठाधीश्वर की देखरेख में किया जाता हैं। मंदिर परिसर के उत्तर में मैदान में रामलीला का मंचन होता है। पीठाधीश्वर रामचरित मानस की चौपाई बोलते हैं और कलाकार लीला का मंचन करते हैं। दर्शक भी जमीन पर बैठकर ही रामलीला देखते हैं।





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