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कुशीनगर (उ०प्र०)
तमकुहीराज तहसील क्षेत्र और दुदही विकास खण्ड के ग्रामसभा बतरौली धुरखड़वा के ग्रामीणों के एक समूह ने जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र देकर कोटेदार पर ग्रामीणों ने राशन का घटतौली और शिकायत करने पर धमकी देने का आरोप लगाया है।
दिए गए शिकायती पत्र के अनुसार राशन लेने जाने पर कहते हैं कि दो से तीन किलो कम देगें मर्जी हो तो ले जाओ, अन्यथा यही पर छोड़ दो। ग्रामीण मजबूरी में दो या तीन किलो कम ही राशन ले जाते हैं। विरोध करने पर उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया जाता है। ग्रामीण आखिर शिकायत करे तो किससे करे? आरोप है कि संबंधित अधिकारियों के अधिकारियों के सह पर ही इस प्रकार का कृत्य किया जा रहा है।
कोटेदार के द्वारा हमेशा ये खुले तौर पर कहा जाता है की अधिकारियों को घूस देने पड़ते हैं, इसलिए कटौती करना मजबूरी है। मुसहर जाति के लोगों का कहना हैं कि सबसे ज्यादा प्रताड़ित मुसहर बस्ती के लोग ही होते हैं। क्योंकि उनको कोटेदार के द्वारा दुर्व्यवहार करते हुवे धक्के मारकर भगा दिया जाता हैं। इसलिए मजबूरी में 2से 3 किलो कम ही राशन लेकर आते है। जब ग्रामीणों का सब्र का बांध टूट गया तो पीड़ितों ने मीडिया का सहारा लेना उचित समझा। ग्रामीण इतने परेशान हो गए हैं कि वह बगल गावँ के कोटेदार के वहा राशन कार्ड सिफ्ट कराने हो कह रहे है। ग्रामीणों ने ये भी आरोप लगाया है कि कोटेदार द्वारा हमेशा कटौती करके राशन दिया जा रहा है।
जबकि सरकार की तरफ से प्रत्येक यूनिट 5 किलो मिलता हैं। ऐसे में ग्रामीणों के हक पर कोटेदार के द्वारा सारेआम डाका डाला जा रहा हैं। गरीबों की पुकार कोई सुनने को तैयार नहीं हैं। इस गांव के कार्डधारक फुलपति देवी, रामाधार, सुनारपति देवी, राबड़ी देवी, मंगरू प्रसाद, झगरू मुसहर, रीता, किशनावती और ज्ञांति देवी ने बताया की हमें कोटेदार द्वारा राशन कटौती करके दिया जा रहा है, कटौती का विरोध करने पर राशन नही देते है। जब भी हम लोग शिकायत करते हैं तो हमे कोटेदार और उनके सहयोगियों के द्वारा अनेको प्रकार की धमकी दिया जाता हैं।
ग्रामीणों के द्वारा ये भी बताया गया कि जब भी हम लोग कोटेदार की शिकायत तहसील दिवस पर या संबंधित अधिकारियों से करते हैं तो सटीक कोई भी कार्यवाही नही होता है। वही कई ग्रामीणों का कहना हैं कि अंगूठा लगवाकर महीनों बीत जाने के बाद भी राशन नही मिलता है। जब मिलता भी है तो कटौती करके दिया जाता हैं।






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